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​सूक्ष्म-लघु उद्योगों को सरकार से राहत
प्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम दर्जे के उद्योगों को राज्य सरकार ने सहारा दिया है। सरकार बैंकों से कर्ज लेकर लगाए गए 25 लाख रुपए तक के इन उद्योगों को अगले तीन सालों तक पांच फीसदी इंटरेस्ट सबसिडी प्रदान करेगी। पहली अप्रैल, 2016 तक या इसके बाद स्थापित किए गए लघु उद्योगों को तय मापदंड पूरा करने के बाद सबसिडी ऑनलाइन उनके बैंक खाते में जमा की जाएगी। इस बाबत उद्योग विभाग ने पात्र उद्यमियों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। खास बात यह है कि सरकार की इस योजना से जहां लघु उद्योग सरवाइव करेगा तो वहीं बैंकों के डिफाल्टर बनने से भी लघु उद्यमी राहत पाएंगे। सरकार ने योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी जिलों को बजट भी दे रखा है और जरूरत पड़ने पर और बजट जारी किया जाएगा। उद्योग महाप्रबंधकों ने योजना में लाभ के पात्र उद्यमियों से आवेदन मांगे हैं। बिलासपुर जिला की बात की जाए तो यहां अभी तक तीन आवेदन विभाग के पास पहुंच चुके हैं, जिन्हें तय सबसिडी देने के लिए प्रोसेस शुरू हो गया है और जल्द ही विभागीय कार्रवाई के पूरा होने के बाद यह सबसिडी पात्र उद्यमियों को ऑनलाइन उनके बैंक अकाउंट में जमा करवाई जाएगी। सरकार से इस योजना के तहत बिलासपुर जिला को चारा लाख रुपए का बजट अलाट हुआ है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में काफी समय से लघु उद्योगों को गति नहीं मिल पा रही है। बैंकों से लिए गए कर्ज की किस्तों की अदायगी निर्धारित समय के भीतर न कर पाने की वजह से उद्यमियों को डिफाल्टर घोषित कर दिया जाता है, जिस कारण उद्योगों में प्रोडक्शन धीमी पड़ जाती है या फिर ठप हो जाती है। ऐसे हालात में लघु उद्योग सरवाइव नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए सरकार ने राहत देने का फैसला लिया है।
Cabinet approves amendment to MSME Development Act, 2006
 
New Delhi, Feb 7 (UNI) The Union Cabinet chaired by Prime Minister Narendra Modi on Wednesday approved change in the basis of classifying Micro, Small and Medium enterprises from ‘investment in plant & machinery/equipment’ to ‘annual turnover’.
 
This will encourage ease of doing business, make the norms of classification growth oriented and align them to the new tax regime revolving around GST (Goods & Services Tax).
 
Section 7 of the Micro, Small and Medium Enterprises Development (MSMED) Act, 2006 will accordingly be amended to define units producing goods and rendering services in terms of annual turnover as a micro enterprise will be defined as a unit where the annual turnover does not exceed Rs five crore; a small enterprise will be defined as a unit where the annual turnover is more than Rs five crore but does not exceed Rs 75 crore and a medium enterprise will be defined as a unit where the annual turnover is more than Rs 75 crore but does not exceed Rs 250 crore.
 
 
Additionally, the Central Government may, by notification, vary turnover limits, which shall not exceed thrice the limits specified in Section 7 of the MSMED Act.
 
At present the MSMED Act (Section 7) classifies the Micro, Small and Medium Enterprises (MSMEs) on the basis of investment in plant and machinery for manufacturing units, and investment in equipment for service enterprises.